मकान खरीदने से पहले लोन का होमवर्क

घर खरीदने से पहले हर आदमी के सामने कुछ सवाल होते हैं: मुझे लोन के तौर पर कितनी रकम मिलेगी? कितनी कागजी कार्रवाई करनी होगी? क्या मेरा आवेदन खारिज हो जाएगा? ब्याज दर पर मुझे कोई गलत डील मिल जाए, तो क्या होगा? और ऐसे ही बहुत सारे प्रश्न :
डाउन पेमेंट की मुश्किल : ज्यादातर बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां घर की कीमत का सिर्फ 80 फीसदी फंड देते हैं। इसका मतलब यह है बाकी 20 फीसदी के लिए हमें व्यवस्था करने की जरूरत होती है। असल में अगर आपके पास कैश है तो जितना ज्यादा हो सके डाउन पेमेंट देनी चाहिए। इससे ब्याज में बचत होती है।

नकदी न हो तो : आदर्श रूप में अगर किसी के पास डाउन पेमेंट के लिए पर्याप्त बचत न हो, तो लोन नहीं लेना चाहिए।
स्माल लोन : कई कंपनियां कर्मचारियों को मदद करने के लिए कम ब्याज दर पर लोन ऑफर करती हैं। पता करें आपकी कंपनी लोन देती है या नहीं।
बिल्डर से बात करें: कुछ प्रमोटर/बिल्डर कम से कम डाउन पेमेंट और बैलेंस बाद में लेने के लिए राजी हो सकते हैं। इसके लिए बात करना जरूरी है।
जेवरात पर लोन : अगर आपके पास सोने के जेवर है, तो आप पैसों की अचानक जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही हमें इस बात का खयाल रखना चाहिए कि ब्याज अतिरिक्त बोझ हो सकता है।
निवेश का जायजा लें : अगर आपने निवेश किया है और लोन पर जो ब्याज लग रहा है, उसकी तुलना में निवेश पर रिटर्न कम से कम 2 फीसदी नीचे हो, तो बेहतर है कि आप इसे भुना लें और डाउन पेमेंट के लिए इस्तेमाल करें।
योग्यता की दुविधा : बैंक की ओर से लोन के लिए वांछित योग्यता का तरीका समझें। इससे आवेदन से पहले सब कुछ सही रखने में मदद मिलेगी। सैद्धांतिक रूप से हर उधार देने वाला कर्ज लेने वाले में दो बातें देखता है:
लोन वापस करने की क्षमता: आपकी मौजूदा आमदनी, आय के दूसरे स्त्रोत, कैश फ्लो, रिटायरमेंट की उम्र, जॉब प्रोफाइल और आपकी कंपनी को देखा जाता है।
लोन री पेमेन्‍ट : आपकी क्रेडिट हिस्ट्री/क्रेडिट कार्ड के आधार पर इसका अंदाजा लगाया जाता है। आपका सिबिल स्कोर भी इस बारे में इशारा करता है।

कैसे उतरेंगे खरा

आमदनी : अच्छी आमदनी मुख्य शर्त है। कोई भी कर्जदाता सैलरी स्टेटमेंट या इनकम-टैक्स फाइलिंग को देखता है। अगर आप बड़ा मुनाफा या सैलरी में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, तो सैलरी बढ़ने या निवेश पर बड़ा रिटर्न मिलने के बाद ही लोन के लिए आवेदन करें।
बैक एकाउंट : अपने मुख्य एकाउंट से नियमित रूप से निकाली जाने वाली राशि को कम करने की कोशिश करें। जैसे कार लोन पर आपकी ईएमआई (लोन बंद कर दें), किराया (दूसरे एकाउंट से भरें या कैश में भुगतान करें)।
हमेशा इस बात का खयाल रखें कि आप ऐसा बैंक खाता चला रहे हैं, जिसमें बड़ी रकम डाली जाती है और कम से कम रकम निकाली जाती है। इसमें चेक बाउंस होने और बैंक चार्ज लगने की प्रक्रिया कम से कम रही हो। लोन के लिए आवेदन करते समय इस एकाउंट का इस्तेमाल करें।
सह-आवेदक: एक और तरीका यह है कि किसी के साथ मिलकर लोन के लिए आवेदन करें। बाप-बेटे, अविवाहित बेटी-पिता, भाई-भाई और पति-पत्नी ऐसे संभावित सह-आवेदक हो सकते हैं।

बेहतर डील

सबसे अच्छी या सबसे सस्ती जरूरी नहीं कि आपके लिए सही डील हो। लोन लेते समय कम जाने-पहचाने बैंकों या फाइनेंस कंपनियों से बचें। कम से कम 4-5 अलग-अलग कर्जदाताओं और उनके ऑफर की तुलना करें और लोन पर खर्च, सर्विस, आवेदन करने में आसानी, भुगतान की सहूलियत और पुराने कर्जदाताओं के सुझाव पर ध्यान दें।
ब्याज दरें और शुल्क में तुलना के लिए ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करें। हर कर्जदाता के लिए लागू होने वाली रीसेट और फोर-क्लोजर जैसी शर्तों को समझें। ऐसे बैंक या फाइनेंस कंपनी को चुनें, जिनकी शर्तें भुगतान करने वालों के लिए तुलनात्मक रूप से आसान हों।

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